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Essay On Pashu Pakshi In Hindi

पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है . हमें हर समय इन्हें दाना पानी देते रहना चाहिए … बहुत खुशी महसूस होती है क्योकि ये हमारे मित्र हैं …

पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है

इनके मदद करनी चाहिए और कोई सुबह चिडिया के लिए पानी रखते हुए मैने देखा कि तो एक घर के बाहर एक महिला कटोरी मे दूध लिए एक महिला घूम रही थी. मुझे देखते ही बोली कि क्या आपने अभी काला कुत्ता देखा अभी गया है यहा से !! मैने इंकार किया ही था कि तभी एक सफेद कुत्ता जाता दिखा.

मैने कहा कि सफेद कुत्ता तो ये है इस पर वो बोली कि अरे नही आज काले कुत्ते को ही दूध पिलाना है बेचारा सफेद कुता काफी देर तक इंजार करता रहा कि शायद दूध मिल जाए और फिर सिर झुकाए चला गया. फिर वो महिला भी चली गई .

वैसे मुझे इस बात की नॉलिज नही कि किस दिन किस पक्षी या जानवर को खिलाया जाए पर इस बात का जरुर पता है सुबह हो शाम हो गर्मी हो या सर्दी हो पशु , पक्षी की मदद करके हमेशा अच्छा ही लगता है… 

चाहे तो पानी रखा हो या दाना डालना हो … नियमित चारा दाना डालते रहॆ तो भी नेक कार्य ही है !!!

पशु पक्षी और हम

मेरी एक सहेली हैं घर से आफिस तक कोई भी बीमार कुत्ता देखती हैं या तो वही उसकी मदद करती हैं या घर ले आती है … पशु , पक्षियों का संसार बहुत ही रोचक है

                                 पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है

रोचक कहानी चिडिया की

वैसे एक कहानी भी मुझे बहुत रोचक लगती है.. दो चिडिया थी… पक्की सहेलियां थी एक बार जंगल में एक शिकारी आया और एक उसकी पकड मे आ गई और उसे ले गया… उसे पिंजरे मे रख लिया… कुछ दिन बाद उसी शिकारी को उसी जंगल में दुबारा जाना पडा … चिडिया ने कहा कि प्लीज मुझे भी ले चलो इस पर शिकारी बोला कि ले कर तो नही जाउगांं पर कोई मैसेज हो तो वो दे दूंगा

उसने कहा कि बता देना कि वो कैद मे है… शिकारी जंगल गया और उसने देखा कि वो चिडिया चुपचाप बैठी थी… चिडिया ने उससे पूछा कि मेरी सहेली कैसी है इस पर शिकारी ने बताया कि वो मेरी कैद में है …

ये सुनते ही वो चिडिया एकदम से उपर उडी और फिर एकदम से नीचे गिर गई ऐसा लगा मानो वो मर गई … शिकारी ने सोचा जरुर उसे महसूस हुआ होगा इसलिए मर गई … वापिस आया तो पिंजरे वाली चिडिया ने पूछा क्या तुम मेरी सहेली से मिले वो कैसी है इस पर शिकारी ने बताया कि जब मैने उसे बताया कि मैने उसे कैद कर रखा है तो वो पहले तो खूब उंचा उडी और फिर एक दम से नीचे गिर गई और मर गई …

ये सुनते ही अचानक उस चिडिया ने अपने पर फडफडाए उडने को हुई और एक दम से निढाल हो गई …

शिकारी ने सोचा कि शायद ये अपनी सहेली की मरने वाली बात से दुखी हो गई इसलिए ये मर गई … उसने हिलाया दुलाया फिर पिजंरा खोल दिया कि अब तो ये मर गई …

पिंजरा खोलते ही वो चिडिया फुर्र से उड गई .. शिकारी हैरान कि ये क्या हुआ … इस पर चिडिया बोली मेरी सहेली ने मुझे आईडिया दिया था कि कैसे आजाद होना है … इतने में उसकी सहेली भी आ गई और दोनो शिकारी को बाय बाय करती हुई उड गई …

देखा कितना रोचक और प्यारा संसार है इनका इसलिए इन्हें दाना पानी खिलाते रहना चाहिए अच्छा लगता है

पक्षियों को दाना डालने से क्या होगा – पशु पक्षी के प्रति हमारा प्रेम

ऑडियो – जानवर और इंसान – Monica Gupta

यहांं क्लिक कीजिए और सुनिए एक मिनट और 40 सैंकिड का मजेदार ऑडियो – जानवर और इंसान  ऑडियो – जानवर और इंसान बीप बीप … वैसे आपने कभी महसूस किया है कि हम आम बोलचाल में जानवरों का नाम कितनी सहजता से लेते हैं … नही !! विश्वास नही हो रहा … है ना !! … read more at monicagupta.info

 

पशु और पक्षी का हमारे जीवन में महत्व – पशु पक्षी हमारे मित्र है – आपको कैसा लगा और वैसे दाना डालने के बारे मॆ आपकी क्या राय है  जरुर बताईएगा …

क्या आपने चिडिया के लिए पानी रखा – पशु पक्षी मित्र हैं हमारे

.. तब तक अपना और खुश रहिए मुस्कुराते रहिए

चींटी, चिड़ियों, गिलहरियां, कबूतर, तोता, कौआ और अन्य पक्षियों के झुंड और गाय, कुत्तों को नियमित दाना , ज्वार , पानी दाना-पानी देने से  मानसिक शांति प्राप्त होती है … आजमा कर देख लीजिए …

 

 

 

 

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मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। मोर एक बहुत ही सुंदर, आकर्षक और जमीन पर रहने वाला पक्षी है। मोर को मयूर भी कहा जाता है। मोर की पंख बहुत ही आकर्षक होता हैं और मोर के पास बहुत सारे पंख होते हैं। मोर वैसे तो पंख नहीं फैलाता है लेकिन बसंत ऋतु और वर्षा ऋतु में मोर जब खुशी से नाचता है तो वह अपने सारे पंख फैला लेता है, पंख फैलाने के बाद मोर काफी सुंदर दिखता है। मोर का पंख सभी को पसंद आता है। मोर के पंख को सजावट का सामान के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कृष्ण भगवान अपने सिर पर मोर पंख लगाते थे जो सभी लोगों को बहुत ही लुभाता है। मोर का पंख बच्चों को भी बहुत ज्यादा पसंद है, कई बच्चे मोर के पंख को अपनी किताबों में रखते हैं। पुराने जमाने में कालिदास भी मोर के पंख से लिखा करते थे।

मोर ज्यादातर जंगलों में रहता हैं और वह जमीन पर ही रहता हैं, मोर घोंसला नहीं बनाता है। मोर को सांप खाना बहुत पसंद है। मोर को देखते ही लोगों का मन खुश हो जाता है। मोर का पंख इतना सुंदर होता है कि उसका जवाब नहीं, लगता है मानो कोई बहुत बड़े कलाकार ने मोर के पंख की सजावट की है। नर मोर के कई पंख होते हैं जिसे सभी लोग पसंद करते हैं। मादा मोरनी के पंख नहीं होते हैं। बहुत सारे गहने भी मोर के पंख की तरह दिखने वाले बनाए जाते हैं। कई सारे कुर्सियों के पीठ वाला हिस्सा मोर पंख के डिजाइन में बनाया जाता है, लोगों को यह देखने में बहुत सुंदर लगता है। मोर को पक्षियों का राजा भी कहा जाता है। नर मोर के सिर पर बड़ी सी कलंगी बना होता है जो देखने में मुकुट की तरह होता है, मोर दिखने में सही में एक राजा की तरह होता है। मोर सिर्फ भारत का ही राष्ट्रीय पक्षी नहीं है, वह म्यानमार का भी राष्ट्रीय पक्षी है।

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